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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

तेरी तस्वीर.....ओम कश्यप

मंगलवार, 22 मार्च 2011

तेरी याद.....ओम कश्यप







आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
दिल में बस तुम ही तुम समाई !
जिधर देखूं आये नज़र तेरी ही परछाई ,
इश्क में हमने ये कैसी सजा पायी !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
यादों में इतना टूटते गए !
ज़ख्म और भी गहरे होते गए ,
जाकर किस वेध से मिले !
रास न आती कोई दवाई ,
कर लो चाहे जितने भी सितम !
हमने कसम हैं खायी ,
नहीं भूलेंगे तुझको चाहे चले पुरवाई !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
कसमें खाई थी जो साथ जीने- मरने की !
वो तुमने क्यों नहीं निभाई ,
कब तक करती रहोगी ऐसी बेवफाई !
घुट-घुट के जी रहे थे दोस्त ,
अब तो जान पर बन आई !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
कोई पैमाना नहीं बना जो माप दें !
इस बेजुबान दर्द की गहराई ,
हर पल सताती तुम्हारी याद में !
हमने ये कलम हैं उठाई ,
चंद लब्जो में लिख डाली अपनी तन्हाई !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
दिल में बस तुम ही तुम समाई !!


चित्र :-( गूगल से साभार ) ♥♪♥ओम कश्यप ♥♪♥