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सोमवार, 7 फ़रवरी 2011

पतंग एक उड़ान .. ॐ कश्यप




पतंग एक उड़ान


पतंग आज भी दिल में भरे हजारों उमंग ,
एक डोर और हजारों रंग !
इसकी यादें आज भी हैं हमारे संग ,
बिखेरती आसमा में अपने रंग !!
पतंग आज भी दिल में भरे हजारों उमंग ,
इसकी चाहत नहीं देखती कीमत ,,
कभी दीवारें कूदी तो कभी मैदानों में दोड़े !
ऐसी थी बचपन की वो आदत ,
इसकी खूबसूरती आज भी देती हे दावत !!
पतंग आज भी दिल में भरे हजारों उमंग ,
न परवाह तेज धुप की ,
न भूखे पेट की लाज !
बस इनको आपस में लड़ाये ,
फिर भी नए दोस्त बनाये !!
आज भी बचपन को वो दिन याद आये ,
पतंग आज भी दिल में भरे हजारों उमंग ,
काश मेरी डोर भी हो किसी के हाथ ,
हम भी उड़ान भरे जज्बातों के साथ !
छुटे न कोई दोस्त ज़िन्दगी में ,
ऐसा हो हर किसी का साथ !!
पतंग आज भी दिल में भरे हजारों उमंग ,
कौन कहता हे कागज के फूलों में खुशबू नहीं होती !
पतंग भी तो कागज की ही होती ,
लकिन इसकी खुशबू आसमानों को छूती !!
एक डोर और हजारों रंग !
पतंग आज भी दिल में भरे हजारों उमंग !!
आप सभी को बसंत की बहुत बहुत शुभकामनाये


20 टिप्‍पणियां:

  1. ॐ कश्यप जी
    नमस्कार !
    पतंग आज भी दिल में भरे हजारों उमंग ,
    एक डोर और हजारों रंग !
    इसकी यादें आज भी हैं हमारे संग ,
    बिखेरती आसमा में अपने रंग !!
    ........बहुत ही प्यारी और गुनगनाने लायक कविता.

    उत्तर देंहटाएं
  2. ज़िदगी के कुछ खास रंगों को समेट लिया है वाह ...बहुत ही खूबसूरत शब्‍दों का संगम है इस रचना में ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही खूबसूरत शब्‍दों का संगम है इस रचना में|

    आप को बसंत की बहुत बहुत शुभकामनाये |

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही खूबसूरत रचना.........

    आप को बसंत की बहुत बहुत शुभकामनाये |

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह ओम भाई वाह
    बेहतरीन रचना के लिए बधाई
    आपको बसंत की शुभकामनाये
    थोडी देर पहले मै भी पंतग उडा रहा था

    उत्तर देंहटाएं
  6. kashyap ji
    aap kahte hain ki main blog jagat me naya hun ,par itni sundar rachna ,vo bhi behtreen bhai kamaal hai. aappatang ki tarah aasmaan ki unchaiyo tak pahunche ,inhi shubh-kamnaao ke saath.blog jagat me aapka hardik swagat hai.
    poonam

    उत्तर देंहटाएं
  7. अच्छी प्रस्तुति के लिए धन्यवाद। आपको भी वसंत पचंमी की शुभकामनाएॅ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
    आप को वसंत पंचमी की ढेरों शुभकामनाएं!
    सादर,
    डोरोथी.

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  9. संजय जी , patali जी , संध्या जी , दीपक सैनी जी , पूनम जी , Dorothy ji
    और अमित जी आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद
    समझ में नहीं आता की आप सब का सुक्रिया कैसे अदा करू /
    आप सभी का स्वागत हे /
    एक बार फिर आप सभी को बसंत के बहुत बहुत शुभकामनाये /

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  10. आपकी रचना मन को प्रभावित कर गई। प्रेम सरोवर में नहाते रहिए।सब कुछ सामान्य हो जाएगा।

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  11. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

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  12. कई रंगों को समेटे एक खूबसूरत भाव दर्शाती बढ़िया कविता...बधाई

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  13. बसंत के रंग समेटे सुन्दर रचना.
    ब्लॉग पर होस्ला अफजाई का बहुत शुक्रिया..

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  14. वसन्तोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  15. sundar abhivyakti.

    आप को वसंत पंचमी की ढेरों शुभकामनाएं

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  16. .

    बहुत सुदर रचना ।

    पतंग की तरह , खुशहाल , निर्भय , प्रसन्न मन , उमंग तथा उत्साह के साथ अनंत आकाश के विस्तार की तरह , आपका लेखन नित नयी उचाइयां छुए।

    .

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  17. भाई ओम कश्यप जी ,
    पतंग के माध्यम से बचपन की न भूलने वाली यादों को ताज़ा कर रही है आपकी कविता !
    अच्छे भाव की रचना ..

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  18. यहाँ आकर लगे मुझे सपने होंगे साकार
    आपका सब का शुक्रिया और आभार

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  19. क्रप्या आप अपने बहुमूल्य सुझाव देकर गलितया बताकर
    मेरा उत्साह बनाये रखे धन्यवाद ............

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