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गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011

"वैलेण्टाइन " क्या इसका साइन ..ॐ कश्यप


"वैलेण्टाइन " क्या आपने किया कभी माइन ,

यह क्या देता सन्देश क्या इसका साइन !
क्या इसका उपदेश कैसे चल पायेगा देश ,
छिप -छिप कर घर से निकल कर देते प्यार का सन्देश !!
छिपकर सन्देश देने वालो का यारो देखो होसला ,
ऐसे पर्व को मनाने से देश होगा खोखला !
अगर आपको दिखाना हे प्यार करना हे इज़हार -ऐ-मोहबत ,
तो करिए सभी खुदा से एक ही इबादत !
सब एक हे क्या धर्म क्या मजहब ,
सब अमन से रहे उसमे ही बसते हे सब !!
प्यार इश्क और मोहब्बत हे क्या कोई तो दे जवाब ,
गर्लफ्रेंड के आगे माँ- बाप, भाई-बहन, रिश्ते-नाते लगे एक खवाब !
चारो तरफ अब तो एक ही नज़ारा हे .
देखो इनकी नज़र में गर्लफ्रेंड ही सहारा हे !!
इनके लिए न उचित समय न उचित स्थान ,
नोज़वान तकते रहे बस एक ही निशान !
अजब इनकी चाहत हे दोस्तों गज़ब इनकी दास्तान ,
ऐसे दिनों का इंतज़ार करके कैसे बनेगा देश महान !!
वाह रे नोजवान .. वाह रे नोज़वान ....
याद करो सभी गवाही दे गावे ही वेद -पुराण ,
सब एक हे सब ही उसी की संतान !!

चित्र :- ( गूगल से साभार )

26 टिप्‍पणियां:

  1. अंग्रेजी सभ्यता हमारी युवा- पीढ़ी की पहचान बनती जा रही हे
    बहुत ही सटीक और प्रासंगिक रचना है....

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  2. क्या बात है सर जी
    बडी गहरी बातें कह दी आपने,
    ...........बहुत बढ़िया...लिखा है।

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  3. बहुत अच्छा सन्देश दे रही है आपकी कविता.
    शुभ कामनाएं

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  4. Om bhai...valentine ke liye koi din ya khaas samay nahi hota....
    every day is a valentine day..
    every hour is a valentine hour..
    every minute is a valentine minute..
    every second is a valentine second..

    aapka follower bann gaya hoon, aata rahunga ab!

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  5. संजय जी
    सगेबोब जी
    और
    सुरेंदर जी
    ब्लॉग पर आपका स्वागत हे
    आपका शुक्रिया...

    उत्तर देंहटाएं
  6. पश्चिमी सभ्यता के चक्कर मे हम अपनी भूलते जा रहे है

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  7. ओम भाई
    आपने अपनी कविता मे बहुत सार्थक संदेश दिया है
    सार्थक लेखन के लिए बधाई

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  8. नोज़वान तकते रहे बस एक ही निशान !
    अजब इनकी चाहत हे दोस्तों गज़ब इनकी दास्तान ,
    ऐसे दिनों का इंतज़ार करके कैसे बनेगा देश महान !!

    ॐ जी आपकी रचना वर्तमान संदर्भों को बहुत सहजता लेकिन सटीक ढंग से वयां करती है ...आपने बहुत गंभीर तरीके से आज की स्थितियों पर प्रकाश डाला है ...आपका आभार इस रचना के लिए ....अब हम आपसे दोस्ती पक्की करते हैं ...शुक्रिया

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  9. बहुत अच्छी एवं प्रेरणा देने वाली रचना ।

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  10. your post is giving very perfect message to the younger. really this is the time o know he actual meaning of the veneltine before the celebration .

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  11. मन के संवेदनशील भाव..... प्रेरणादायी लेखन

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  12. DIPAK SAINI JI
    DIPTI SHARMA JI
    KEWAL RAM JI
    ARUN CHANDRA ROY JI
    BAJRANG JI
    ZEAL JI
    PLASH JI
    OR DR. MONIKA SHARMA JI
    AAO SABHI KA BLOG PAR AANE KE LIYE BAHUT BAHUT DHANAYWAD
    ASHA HE KI AAP ISSI TARAHA SE HUMARA MARGDARSHAN KARTE RAHENGE
    AAPKA DIN MANGALMAY HO

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  13. बहुत अच्छे विचार |अच्छी प्रस्तुति |बधाई |मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आभार |
    आशा

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  14. अजब इनकी चाहत हे दोस्तों गज़ब इनकी दास्तान ,
    ऐसे दिनों का इंतज़ार करके कैसे बनेगा देश महान !!

    आपने अपनी कविता मे बहुत सार्थक संदेश दिया है

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  15. सभी ही अच्छे शब्दों का चयन...अच्छी प्रस्तुति

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  16. the old books divided humans on the name of caste
    what is wrong in loving
    read the history carefully.

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  17. किसी भावना को व्यक्त करने के लिये एक दिन काफी नहीं होता। भावना का प्रवाह दिन नहीं देखता। आपकी रचना सार्थक है। सही प्रश्न उठातहै।
    एक निवेदन-
    मैं वृक्ष हूँ। वही वृक्ष, जो मार्ग की शोभा बढ़ाता है, पथिकों को गर्मी से राहत देता है तथा सभी प्राणियों के लिये प्राणवायु का संचार करता है। वर्तमान में हमारे समक्ष अस्तित्व का संकट उपस्थित है। हमारी अनेक प्रजातियाँ लुप्त हो चुकी हैं तथा अनेक लुप्त होने के कगार पर हैं। दैनंदिन हमारी संख्या घटती जा रही है। हम मानवता के अभिन्न मित्र हैं। मात्र मानव ही नहीं अपितु समस्त पर्यावरण प्रत्यक्षतः अथवा परोक्षतः मुझसे सम्बद्ध है। चूंकि आप मानव हैं, इस धरा पर अवस्थित सबसे बुद्धिमान् प्राणी हैं, अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी रक्षा के लिये, हमारी प्रजातियों के संवर्द्धन, पुष्पन, पल्लवन एवं संरक्षण के लिये एक कदम बढ़ायें। वृक्षारोपण करें। प्रत्येक मांगलिक अवसर यथा जन्मदिन, विवाह, सन्तानप्राप्ति आदि पर एक वृक्ष अवश्य रोपें तथा उसकी देखभाल करें। एक-एक पग से मार्ग बनता है, एक-एक वृक्ष से वन, एक-एक बिन्दु से सागर, अतः आपका एक कदम हमारे संरक्षण के लिये अति महत्त्वपूर्ण है।

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  18. आशा जी ,
    रजनी जी ,
    संजय जी ,
    अस ऍम जी
    और
    वृक्षारोपण जी ,
    आप सभी का ब्लॉग पर आने के लिए आभार
    आपकी पर्तिकिर्या मेरे लिए बहुत महतवपूर्ण हे

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  19. खुबसूरत शब्दों से रची खूबसूरत सन्देश देती प्यारी रचना !

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  20. भारतीय संस्कृति की पक्षधर एवं valentine day पर करार प्रहार करती सुन्दर कविता.

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  21. भाई ओम कश्यप जी आपने कविता के माध्यम से करारा व्यंग्य किया है आपको बधाई और शुभकामनाएं |

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  22. MINAKSHI JI
    KUNWAR JI
    OR JAI KRASHAN JI
    HOSLA AFJAI KE LIYE BAHUT BAHUT DHANYWAAD
    KRPAYA APNE SUJHAV DETE RAHIYEGA
    OR KAMIYA BATATE RAHIYEGA
    AASHA HE
    AAP SABHI KA DIN MANGALMAY HO

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  23. "प्यार इश्क और मोहब्बत हे क्या कोई तो दे जवाब ,
    गर्लफ्रेंड के आगे माँ-बाप,भाई-बहन,रिश्ते-नाते लगे एक खवाब!
    चारो तरफ अब तो एक ही नज़ारा हे.
    देखो इनकी नज़र में गर्लफ्रेंड ही सहारा हे!!"

    sahi aur sateek chitran....
    har koi bas yahi khoj raha hai !!

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