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मंगलवार, 22 मार्च 2011

तेरी याद.....ओम कश्यप







आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
दिल में बस तुम ही तुम समाई !
जिधर देखूं आये नज़र तेरी ही परछाई ,
इश्क में हमने ये कैसी सजा पायी !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
यादों में इतना टूटते गए !
ज़ख्म और भी गहरे होते गए ,
जाकर किस वेध से मिले !
रास न आती कोई दवाई ,
कर लो चाहे जितने भी सितम !
हमने कसम हैं खायी ,
नहीं भूलेंगे तुझको चाहे चले पुरवाई !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
कसमें खाई थी जो साथ जीने- मरने की !
वो तुमने क्यों नहीं निभाई ,
कब तक करती रहोगी ऐसी बेवफाई !
घुट-घुट के जी रहे थे दोस्त ,
अब तो जान पर बन आई !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
कोई पैमाना नहीं बना जो माप दें !
इस बेजुबान दर्द की गहराई ,
हर पल सताती तुम्हारी याद में !
हमने ये कलम हैं उठाई ,
चंद लब्जो में लिख डाली अपनी तन्हाई !
आज मुझे फिर तेरी याद आई ,
दिल में बस तुम ही तुम समाई !!


चित्र :-( गूगल से साभार ) ♥♪♥ओम कश्यप ♥♪♥



36 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर अभिव्यक्ति

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  2. मन की पीडा शब्दो मे उतर आयी है

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  3. कोई पैमाना नहीं बना जो माप दें !
    इस बेजुबान दर्द की गहराई ,

    प्यार भी क्या है ..कहा भी न जाए चुप रहा भी न जाए ..! प्यार अहसास है ऐसा क्या कह सकते हैं ...विरह वेदना को बहुत मार्मिक ढंग से अभिव्यक्त किया है ...क्या कहूँ ..ऑंखें भर आयीं ..

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  4. हर पल सताती तुम्हारी याद में !
    हमने ये कलम हैं उठाई ,

    वह वह वह बहुत ही अच्छे शब्द है !हवे अ गुड डे !मेरे ब्लॉग पर बी आये !
    Music Bol
    Lyrics Mantra
    Shayari Dil Se
    Latest News About Tech

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  5. प्रभावी पंक्तियाँ..... कुछ यादे मन को व्यथित करती ही हैं..... सुंदर रचना

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  6. फिर तुम्हारी याद आई है सनम...
    चाहत का शिद्दतभरा अहसास.

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  7. यादों को खूबसूरत शब्द दिए हैं

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  8. बहुत ही खुबसुरत प्रेममयी रचना.........यादों के साये में शब्दों की कविता बहुत ही सुंदर।

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  9. प्रेमपरक सुन्दर रचना.

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  10. भावनाओं को सुन्दर शब्द दियें हैं आपने, आभार.

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  11. किस खूबसूरती से लिखा है आपने। मुँह से वाह निकल गया पढते ही।

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  12. हमेशा की तरह ये पोस्ट भी बेह्तरीन है
    कुछ लाइने दिल के बडे करीब से गुज़र गई....

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  13. बहुत ही खुबसुरत प्रेममयी रचना|धन्यवाद|

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  14. om ji
    bahut hi dard bhari aapki post hai.achha kiya jo tanhai ka fayda uthkar apne gam ko ham sabse baanta.
    bahut hi achha likhte hain aap.
    dhanyvaad
    poonam

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  15. हमने ये कलम हैं उठाई ,
    चंद लब्जो में लिख डाली अपनी तन्हाई
    चंद लब्जों में सुंदरता से लिखा है.

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  16. यादें तो यादें हैं, सुन्दर पर भंगुर!

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  17. कोई पैमाना नहीं बना जो माप दें !
    इस बेजुबान दर्द की गहराई ,

    kaash yaadon ko maapneka paimaana hota......

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  18. muster all your nerves and tell her straightway..

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  19. नवसंवत्सर २०६८ की हार्दिक शुभकामनाएँ|

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  20. अच्छी अभिव्यक्ति.....

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  21. बहुत दिनों से आपकी नई पोस्ट देखने में नहीं आ रही है । कृपया कम से कम दो पोस्ट का तो महिने में सिलसिला बनाये रखने का प्रयास अवश्य करें । धन्यवाद सहित...

    सार्वजनिक जीवन में अनुकरणीय कार्यप्रणाली
    होनहार

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  22. blog par bahut dino se nahi aa paya aap sabhi se mafi chahata hoon

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  23. यादों को खूबसूरती से लिखा है.

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  24. waah dost ... dil ki gahrai panne per utar aayi.... jiyo bhai....
    badhai..
    avinash001.blogspot.com

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  25. सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए आभार

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